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पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa): मां की स्तुति और आराधना

पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa Lyrics In Hindi)

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~ जय आदिशक्ति पार्वती माँ ~

इस लेख में पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa) नीचे लिखी गयी है। आप दी गयी विषय सूचि से सीधे इसे चुन कर पढ़ सकते हैं।

भारतीय संस्कृति में मां पार्वती को शक्ति, सुंदरता, साहस, और प्रेम की देवी माना जाता है। पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa) उनकी स्तुति करने और उनकी आराधना करने का एक विशेष तरीका है।

मां पार्वती को उर्वी के नाम से भी जाना जाता है, जो प्रकृति प्रजनन, प्रेम और भक्ति की देवी हैं। वह शक्ति या शुद्ध ऊर्जा है और कई विशेषताओं और पहलुओं के साथ देवी मां के रूप में प्रतिष्ठित है।

लक्ष्मी (धन और समृद्धि की देवी) और सरस्वती (ज्ञान और विद्या की देवी) के साथ, मां पार्वती हिंदू देवी (त्रिदेवी) की त्रिमूर्ति बनाती हैं।

पार्वती भगवान शिव की पत्नी हैं। भगवान शिव ब्रह्मांड और सभी जीवन के रक्षक और विध्वंसक दोनों हैं।

वह शिव की ऊर्जा और शक्ति है। वह एक बंधन का कारण है जो सभी प्राणियों को जोड़ता है और उनकी आध्यात्मिक मुक्ति का साधन है।

नवरात्रि वह त्योहार है जिसमें पार्वती के सभी नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के दौरान दुर्गा, शक्ति और काली की भी पूजा की जाती है।

इस लेख में, हम पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa) के महत्व, आराधना विधि, और उसके पाठ से प्राप्त होने वाले लाभों पर विचार करेंगे।

पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa) का महत्व

पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa) का पाठ करने से हम मां पार्वती की महिमा और शक्तियों का गुणगान करते हैं। यह चालीसा हमें मां के दिव्य रूप, कल्याणकारी विशेषताओं, और शक्तिपूर्ण स्वरूप की याद दिलाती है।

पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa) के पाठ से हम देवी की अनुकम्पा की प्राप्ति करते हैं और उनके प्रति आदर और श्रद्धा में वृद्धि होती है।

पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa) की पाठन विधि

पार्वती चालीसा की आराधना विधि अत्यंत सरल और आदर्श है। इस चालीसा का पाठ करने से हम अपनी भक्ति और समर्पण की भावना को प्रकट करते हैं और मां पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए अपने मन को खोलते हैं।

पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa) के पाठ से हम देवी के प्रति अपने भक्ति और समर्पण की भावना को उजागर करते हैं और उनके प्रति आदर और आवश्यकता की भावना प्रदान करते हैं।

पार्वती चालीसा का पाठ करने से पहले हमे स्नानादि से निवृत होकर अपने मन को शुद्ध करना चाहिए और फिर एक आसन पर बैठ कर माँ की प्रतिमा के सामने उनकी पूजा अर्चना करनी चाहिए।

पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa) के पाठ से प्राप्त होने वाले लाभ

पार्वती चालीसा के पाठ से हमें देवी की आशीर्वादित शक्तियों का अनुभव होता है। यह चालीसा हमें उनके दिव्य गुणों का ज्ञान कराती है और हमें सफलता के मार्ग में मार्गदर्शित करती है।

पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa) के पाठ से हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है और हम अपने जीवन के सभी क्षेत्रों में उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

पार्वती चालीसा के अन्य लाभ (More Benefits of Parvati Chalisa)

कहा जाता है कि पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa) का पाठ करने से शीघ्र विवाह होता है, प्रेमियों के बीच संघर्ष का समाधान होता है और गर्भपात को रोकने में मदद मिलती है।

उन्हें प्रजनन क्षमता, वैवाहिक सुख और जीवनसाथी के प्रति समर्पण, तप और शक्ति के लिए भी पूजा जाता है।

अविवाहित युवतियां देवी पार्वती से एक उपयुक्त वर की प्रार्थना करती हैं, जबकि विवाहित महिलाएं अपने पति की भलाई के लिए प्रार्थना करती हैं।

सम्पूर्ण पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa)

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इस महत्वपूर्ण लेख को भी पढ़ें – Saraswati Chalisa In Hindi (सरस्वती चालीसा)

निष्कर्ष

पार्वती चालीसा का पाठ करने से हम देवी पार्वती की महिमा का गान करते हैं और उनके दिव्य गुणों की प्रशंसा करते हैं।

यह चालीसा हमें देवी के शक्तिशाली स्वरूप का अनुभव करने का अवसर प्रदान करती है और हमारे में उनके प्रति आदर और श्रद्धा की भावना में वृद्धि होती है।

पार्वती चालीसा (Parvati Chalisa) के पाठ से हम अपनी भक्ति, समर्पण, और आदर की भावना को प्रकट करते हैं और उनके कल्याणकारी आशीर्वाद से अपने जीवन को सफल और समृद्ध कर सकते हैं।

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