Jagannath Ji Aarti Lyrics (जगन्नाथ जी की आरती)


Jagannath Ji Aarti Lyrics (जगन्नाथ जी की आरती)

देश भर में पूजे जाने वाले, भगवान जगन्नाथ अपने पिछले सभी अवतारों के गुणों के साथ भगवान विष्णु के अवतार हैं। यही कारण है कि उन्हें बहुत मजबूत और शक्तिशाली माना जाता है।

भगवान जगन्नाथ यह है कि उन्हें अक्सर विभिन्न अवसरों पर भगवान कृष्ण, नरसिंह और भगवान विष्णु के रूप में पूजा जाता है। भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और उनकी बहन सुभद्रा का सबसे प्रसिद्ध मंदिर पुरी, उड़ीसा में स्थित है और यही कारण है कि जगन्नाथ यात्रा उड़ीसा में बहुत बड़े पैमाने पर उत्साह और खुशी के साथ मनाई जाती है।

जगन्नाथ जी व्रत कथा के बाद Jagannath Ji Aarti (जगन्नाथ जी की आरती) करनी चाइये।

Benefits of Jagannath Ji Aarti (जगन्नाथ जी की आरती के लाभ)

ऐसा माना जाता है कि भगवान जगन्नाथ की शुद्ध मन से पूजा, जगन्नाथ जी व्रत, जगन्नाथ जी की व्रत कथा और Jagannath Ji Aarti (जगन्नाथ जी की आरती) करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और किसी महत्वपूर्ण कार्य के रास्ते में आने वाली किसी भी तरह की बाधा को आसानी से दूर किया जा सकता है।

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Jagannath Ji Vrat Katha In Hindi (जगन्नाथ जी की व्रत कथा) Jagannath Ji Aarti Lyrics (जगन्नाथ जी की आरती)

Jagannath Ji Aarti Lyrics (जगन्नाथ जी की आरती)

|| जगन्नाथ जी की व्रत आरती ||

आरती श्री जगन्नाथ
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,

मंगलकारी नाथ आपादा हरि,
कंचन को धुप दीप ज्योत जगमगी,
अगर कपूर बाटी भव से धारी,

आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी…

घर घरन बजता बाजे बंसुरी,
घर घरन बजता बाजे बंसुरी,
झांझ या मृदंग बाजे, ताल खनजरी,

आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी…

निरखत मुखारविंद परसोत चरनारविन्द आपादा हरि,
जगन्नाथ स्वामी के अताको चढे वेद की धुवानी,
जगन्नाथ स्वामी के भोग लागो बैकुंठपुरी,

आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी…

इंद्र दमन सिंह गजे रोहिणी खड़ी,
इंद्र दमन सिंह गजे रोहिणी खड़ी,
मार्कंडेय स्व गंगा आनंद भरि,

आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी…

सरनार मुनि द्वारे तदे ब्रह्म वेद भानी,
सरनार मुनि द्वारे तदे ब्रह्म वेद भानी,
धन धन ओह सुर स्वामी आनंद गढ़ी,

आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी…

मंगलकारी नाथ आपादा हरि,
कंचन को धुप दीप ज्योत जगमगी,
अगर कपूर बाटी भव से धारी,

आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी…

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